अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर
Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hari Oudh', (15 April – 16 March ) was a writer of Hindi literature. He was the Chairman of the Hindi Sahitya Sammelan and had been conferred the title of Vidyavachaspati. अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' हिन्दी कविता
अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का जन्म उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के निज़ामाबाद में ई० में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा घर पर ही हुई जहाँ उन्होंने उर्दू, संस्कृत, फ़ारसी, बांग्ला और अंग्रेज़ी भाषा और साहित्य का अध्ययन किया था। उनके कार्य-जीवन का आरंभ मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में हुआ और बाद में क़ानूनगो के रूप में भी कार्य किया।. Ayodhya Prasad Upadhyay - Wikipedia
Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hariaudh' (April 15, - March 16, ) was born at Nizamabad, Azamgarh in Uttar Pradesh. His father Pandit Bholanath Upadhyay embraced Sikh religion and changed his name to Bhola Singh.
अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध का जीवन परिचय | हिन्दवी Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hari Oudh', (15 April 1865 – 16 March 1947) was a writer of Hindi literature. He was the Chairman of the Hindi Sahitya Sammelan and had been conferred the title of Vidyavachaspati.Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hariaudh' - Hindi Kavita अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का जन्म उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के निज़ामाबाद में 1865 ई० में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा घर पर ही हुई जहाँ उन्होंने उर्दू, संस्कृत, फ़ारसी, बांग्ला और अंग्रेज़ी भाषा और साहित्य का अध्ययन किया था। उनके कार्य-जीवन का आरंभ मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में हुआ और बाद में क़ानूनगो के रूप में भी कार्य किया।.Pt. Ayodhya Singh Upadhyaya ( Unki Jivani Aur Rachana) By ... अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (अंग्रेज़ी: Ayodhyasingh Upadhyay ‘Hari Oudh', जन्म- 15 अप्रैल, 1865, मृत्यु- 16 मार्च, 1947) का नाम खड़ी बोली को काव्य भाषा के पद पर प्रतिष्ठित करने वाले कवियों में बहुत आदर से लिया जाता है। उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम दशक में 1890 ई. के आस-पास अयोध्यासिंह उपाध्याय ने साहित्य सेवा के क्षेत्र में पदार्पण किया।. Hindi Bhasha Aur Uske Sahitya Ka Vikas by Pandit Ayodhya ...
अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (15 अप्रैल, मार्च, ) का जन्म उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के निजामाबाद नामक स्थान में हुआ। उनके पिता पंडित भोलानाथ उपाध्याय ने सिख धर्म अपना कर अपना नाम भोला सिंह रख लिया था । हरिऔध जी ने निजामाबाद से मिडिल परीक्षा पास की, किंतु स्वास्थ्य बिगड़ जाने के कारण उन्हें कॉलेज छोड़ना पड़ा। उन्होंने घर पर ही रह क. Ayodhya Singh Upadhyay 'Hari Oudh', (15 April 1865 – 16 March 1947) was a writer of Hindi literature. अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (15 अप्रैल, 1865-16 मार्च, 1947) का जन्म उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के निजामाबाद नामक स्थान में हुआ। उनके पिता पंडित भोलानाथ उपाध्याय ने सिख धर्म अपना कर अपना नाम भोला सिंह रख लिया था । हरिऔध जी ने निजामाबाद से मिडिल परीक्षा पास की, किंतु स्वास्थ्य बिगड़ जाने के कारण उन्हें कॉलेज छोड़ना पड़ा। उन्होंने घर पर ही रह क.
Sign in with Facebook. Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hariaudh' (April 15, 1865 - March 16, 1947) was born at Nizamabad, Azamgarh in Uttar Pradesh. His father Pandit Bholanath Upadhyay embraced Sikh religion and changed his name to Bhola Singh.
The Origin And Growth Of The Hindi Language And Its Literature
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अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध का जीवन परिचय: Ayodhya Singh ...
हरिऔध जी हिन्दी के एक सुप्रसिद्ध साहित्यकार व खड़ीबोली हिंदी के प्रथम महाकाव्यकार थे । हरिऔध जी ने मुख्यतः श्रीकृष्ण के चरित का गायन किया । सुधारवादी युग से प्रभावित होते हुए भी हरिऔध जी ब्रजभाषा प्रेम,भावात्मकता, रसिकता एवं श्रृंगारिकता आदि प्रवृत्तियों से मुक्त नहीं हो सके । इनकी ' कृष्ण शतक ', ' प्रयुम्न विजय ', (नाटक), रुक्मिणी - परिचय. Ayodhya Singh Upadhyay Harioudh - Profile & Biography - Rekhta
Book Source: Digital Library of India Item : Upadhyaya, Pandit Ayodhya Singh ioned: TZ
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' का जीवन परिचय जानिये साधारण ...
पुस्तक समीक्षा अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' जिन्होंने हिंदी को दी एक विशेष पहचान | Ayodhya Singh Upadhyaya Hariaudh Biography.